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प्रयागराज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आउटसोर्सिंग पर बिजली विभाग में कार्यरत लाइनमैन की सेवा समाप्ति के खिलाफ याचिका एक लाख रुपए हर्जाने के साथ खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि याची ने सदाशयता के साथ याचिका दायर नहीं की,अपनी नियुक्ति की प्रकृति का खुलासा किये बगैर सेवा समाप्ति को चुनौती दी । कोर्ट ने याची को हर्जाना राशि हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कोंच, जालौन के शिवराज सिंह की याचिका पर दिया है।
याचिका पर बिजली विभाग के अधिवक्ता बालेश्वर चतुर्वेदी ने प्रतिवाद किया।
याची की नियुक्ति 5जनवरी 15को दैनिक वेतनभोगी लाइनमैन के रूप में कोंच में की गई। जूनियर इंजीनियर उससे कंप्यूटर आपरेटर का काम भी लेते थे।वह आई टी आई इलेक्ट्रिकल था। 3अप्रैल 25को उसकी सेवा समाप्त कर दूसरे व्यक्ति को रख लिया गया।जबकि वह प्रशिक्षित नहीं है।सेवा समाप्ति के खिलाफ याची ने अधिशासी अभियंता उरई को प्रत्यावेदन दिया।एस डी ओ विद्युत वितरण कोंच को याची के मामले में निर्णय लेने को कहा गया। किंतु कोई कार्रवाई न किए जाने पर यह याचिका दायर की गई थी।

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